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मई, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

फसल की सुरक्षा केसे करें जीरो बजट प्राकृतिक खेती द्वारा, bagwani,निमास्त्र, ब्रम्हास्त्र, अग्नि-अस्त्र, दशपर्णी अर्क केसे बनाए

  फसल सुरक्षा:-      ईश्वर ने पौधों के शरीर में एक अदभूत वरदान दिया है- प्रतिरोधक शक्ति ( Resistance Power ) ! दवा उपाय नहीं है , पौधों में प्रतिरोध शक्ति निर्माण करना सही उपाय है । भूमि माता है एवं पौधा बच्चा है । भूमाता में प्रतिरोध शक्ति नहीं हो तो पौधों में भी प्रतिरोध शक्ति नहीं आएगी । इसका मतलब अगर पौधों में प्रतिरोधक शक्ति पैदा करना है तो पहले भूमि में प्रतिरोधक शक्ति का निर्माण एवं विकास करना होगा । भूमि को प्रतिरोधक शक्ति देने वाला जीवनद्रव्य ( ह्यूमस) होता है । जीवनद्रव्य ( ह्यूमस) की निर्मिति केवल और केवल शून्य लागत प्राकृतिक खेती ' में होती है । रासायनिक एवं जैविक खेती जीवनद्रव्य ( ह्यूमस) को नष्ट करती है । जब हम आच्छादन बिछाते हैं और जीवामृत / घनजीवामृत डालते है तो जीवनद्रव्य ( ह्यूमस ) की निर्मिति होती है ।  पहले वर्ष जब हम रासायनिक कृषि से सीधे शून्य लागत प्राकृतिक कृषि में आते हैं तो संभव है कि हमारी कुछ गलतियों के कारण आवश्यक संपूर्ण प्रतिरोधक शक्ति निर्माण न हो । ऐसे में कुछ मात्रा में कीटों के आने की संभावना हो सकती है । इसलिए पहले वर्ष कुछ क...

पंचस्तरीय रचना कर खेती करना, bagwani

पंचस्तरीय रचना कर खेती करने के फायदे:-  मानव के समान ही सभी वनस्पतियो को सूर्य प्रकाश की समान तीव्रता सहन नहीं होती,अलग अलग तीव्रता सहन होती है ‌। इस तीव्रता को "फुट कैंडल" से मापा जाता है। प्रकृति में पंचस्तरीय रचना होती है, सबसे ऊपर बड़ा वृक्ष खुली एवं कड़ी धूप में खड़ा है और अनगिनत फलों से लदा है। इसका मतलब है इसे खुली धूप चाहिये , छाया नही । यह छाया में कार्य नही करता । यह सही मामले मे हठ योगी है। खुली धूप की तीव्रता विभिन्न ऋतूओ में अलग - अलग होती है । सबसे अधिक तीव्रता मार्च -जून तक होती है , 8000-12000 फुट कैंडल । मार्च महीने में 8000, अप्रैल में 9000-10000 ,  मई मे 11000-12000 फुट कैंडल तक होती है । इस संपूर्ण तीव्रता को सहन करने वाले बडे वृक्ष और अनाज की तृण- वर्गीय फसलें होती है ।  (1):-वृक्ष ( मि . टकलू ) : आम , इमली , चीकू ( सपोटा ) , कटहल , काजू , नीम , जामुन , महुआ , सागवान , पीपल , बर्गत , नारियल , शिसम , बेल , कदम्ब इत्यादि वृक्ष  (2):-तृण - वर्गीय ( मि . टकल ) : धान , गेहूँ , मक्का , ज्वार , बाजरा , रागी , नवनी , कोदो , कुटकी , गन्ना इत्यादि तलवार जै...

आच्छादन क्या है, फसलों का आच्छादन करना,सह फसलों का चुनाव करना , bagwani

  आच्छादन:- भूमी की  सजीवता और उर्वरा शक्ती को सुरक्षित और सरक्षित करने का कार्य आच्छादन करता है । जीन देशी केचुओं और सुक्ष्म जीवाणुओ की अहम भूमिका भूमि की उर्वरा शक्ति और समृद्धि बढ़ाने में होती है । उनकी गतिविधियों के लिए भूमि के अंंदर और बाहर एक सुक्ष्म पर्यावरण / विशिष्ट पारिस्थितिकी आवश्यकता होती है । अगर वह उपलब्ध नहीं होता तो यह काम नहीं करते । इन जीवाणुओं एवं ह्यूमस को लू / शीतलहर , तेजी से आनेवाली बारिश , तेजी से बहनेवाली हवाा  और अन्य बाह्य शत्रु इत्यादि से सुरक्षित रखने के लिए आच्छादन की अत्यंत आवश्यकता होती है ।  आच्छादन 3 प्रकार के होते हैं:-  ( 1 ) मृदाच्छादन ( Soil mulching ) : मिट्टी का आच्छादन - भूमि की जुताई  ( 2 ) काष्टाच्छादन ( Straw mulching ) : काडी का या वनस्पतियों के सूखे अवशेष  ( 3) सजीवाच्छादन ( Live mulching ) : आंतरवर्तीय फसले और मिश्र फसले  मृदाच्छादन मतलब भूमि की जुताई । कड़ी धूप या अत्यंत ठंड से भूमि का प्रसारण एवं संकुचन होता है जिस से भूमि में दरारे पड़ती है । इन दरारों में से भूमि की नमी बाष्पोत्सर्जन क्रिया द्वार...

बीजामृत (बीजसंस्कार), bagwani

  बीजामृत (बीजसंस्कार):- 100 किलो बीज संस्कार के लिए :-  (1):-20 लीटर पानी ले  (2):- उसमें 5 लीटर देसी गाय का गोमूत्र मिलाएँ  (3):- देसी गाय का 5 किलो ताजा गोबर मिलाएँ  (4):- उसमें 50 ग्राम खाने का चुना मिलाएँ ।  (5):-एक मिट्टी खेत के मेड़ की या फसल के जड़ के पास की मिट्टी मिलाएँ फिर उसको लकड़ी से घड़ी की सुई की दिशा में धीरे - धीरे मिलाएँ । उसको बोरी से ढक  कर रात भर रखें । अगले दिन बीज संस्कार करें  प्रयोग:- (1):-  घास वर्गीय फसल  ( एक - कणः धान , गेहूँ , मक्का , ज्वार , बाजरा , नवनी , रागी इत्यादि । साथ में तिलन की फसलें ) : इनमें से चुनी हुई फसल के बीज को देसी गाय के गोबर से लिपि हुई भूमि पर बिछा कर अंदाज से बीज पर बीजामृत छिड़के है ।  बीज को दोनों हाथों से मल कर छाया में सुखा कर बीज बोएं । (2):-  दलहन : दलहन के बीजों का छिलका पतला होने के कारण हाथों से रगड़ने पर निकल सकता है । चयनित बीज को फर्श पर फैलाकर अंदाज से भीजामृरा छिड़के । दोनों हाथों की उंगलियाँ फैलाकर बीजों को धीरे से ऊपर - नीचे करके मिलाएँ । छाया में सुखा कर बीज...

12th math formulas & notes (chapter-4),सारणिक,सारणिक का मान,आव्यूह वह सारणिक में अन्तर,उपसारणिक, सहखण्ड,सक्रिया,सारणिक के गुणधर्म,सारणिक का गुणन

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12 वीं गणित के फार्मूले और नोट्स: -                                                                                      प्रिय  दोस्तों आज मैं आपको 12 वीं गणित के नोट्स उपलब्ध करा रहा हूँ जिसमें आपको केवल अध्याय -4 के ही नोट्स मिलेगें।हमारा उद्देश्य केवल कमजोर छात्रों की सहायता करना है। हम आपको सरल भाषा में नोट दे रहे हैं जिनमें आपको निम्नलिखित बिंदु देखने को मिलेंगे।                                                ये नोट आपको केवल निम्नलिखित बिंदु देखने को मिलेंगे।     (1):-सारणिक ।     (२): - सारणिक का मान।                    २.१: - एक क्रम की कोटि की सारण...

12th math formulas & notes(chapter-3), matrix, order of matrix, type of matrix, properties of matrix, operation of matrix, properties of matrix addition

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  12th math formulas & notes (chapter-3):- .     प्रिय मित्रों आज मैं आपको 12th math के notes उपलब्ध करा रहा हूं जिसमें आपको केवल chapter-3 के ही notes मिलेगें।        इन Notes में आपको निम्नलिखित बिन्दु देखने को मिलेंगे:      (1) :-matrix    (2):- order of matrix    (3):- form of matrix    3.1:- row matrix.     3.2:- column matrix.   3.3:- zero matrix        3.4:- matrix    3.5:- square matrix.   3.6:- diagonal matrix 3.7:- identiy matrix.       3.8:- triangular matrix.   (4):- properties of Matrix  4.1:- transpose of a matrix.             4.2:- bilateral matrix.     4.3:- skew-symmetric matrix   (5):- keep in mind points.        (6):- operation on matrix   6.1:- addition.        6.2:- s...

12th chemistry notes(chapter-5),अधिशोषण एवं अवशोषण में अन्तर।,वास्तविक विलयन,कोलाइडविलयन,निलम्बन विलयन ,हार्डीशुल्जै नियम,कोलाइडी विलयनो का वर्गीकरण

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12 वीं रसायन शास्त्र के अध्याय -5: - प्रिय दोस्तों आज मैं आपको 12 वीं रसायन विज्ञान के नोट्स उपलब्ध करा रहा हूँ जिसमें आप केवल अध्याय -5 के नोट्स के लिए आवेदन करेंगे।                                   ये नोट आपको निम्नलिखित बिंदु देखने को मिलेंगे।     (1): - अधिशोषण और अवशोषण में अन्तर।       (२): - भौतिक अधिशोषण और रासायनिक अधिशोषण का तुलनात्मक अध्ययन।      (३): - फ्रेंडिक अधिशोषण समतापी सम्बन्ध एवं आलेख  (४): - वास्तविक विलयन  , कोलाइड विलयन, निलाम्बन विलयन में अन्तर।       (5): - कोलाइडी विलयनो का वर्गीकरण परिक्षिप्त प्रावस्था और परिक्षेपण माध्यम के आधार पर -        ५.१: - परिक्षिप्त प्रावस्था और परिक्षेपण माध्यम की भौतिक अवस्था के आधार पर।        ५.२: -परिक्षिप्त प्रावस्था   और परिक्षेपण माध्यम के मध्य कार्यरत अंतराण्विक बलों के आधार पर।         ...